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Friday, May 16, 2008

Suraj ka समाचार दैनिक जागरण में

मैं सबसे पहले Suraj के बारे में दैनिक जागरण के ऑनलाइन पटना सनास्करण में पढ़ा था। उसके बाद हमने पता लगाया की इस समाचार के पत्रकार कौन हैं? थोडी छान-बिन के बाद पता चला की इस समाचार के पत्रकार हैं श्री वात्सायन जी, उनके जरिये हिन् मैं पूनम जी तक पहुच पाये ।


इस कार्य के लिए पूनम जी की जियनी भी प्रसंसा की जाए वो कम है, और हाँ इस समाचार को दुनिया के सामने लाने के लिए वात्सायन जी को भी धन्यवाद । पर अब पूनम जी हिम्मत हार रहीं हैं, उनके आस-पास के लोग और समाज के लोग इस काम में उनकी ज्यादा मदद नहीं कर रहे हैं । बल्कि सब उन्हें पागल करारने पे तुले हैं...वैसे हम सभी जानते हैं की अगर आप कोई भी अच्छा काम करने के लिए आगे बढे तो उसमें लाखों मुश्किलें आती है, पर इन मुश्किलों से लड़ना आसन हो जाता है अगर एक से ज्यादा लोग मिलके सामना करें । तो आयी इस मुश्किल की घड़ी में हम सभी मिलके पूनम जी का सहयोग करें ..........

आपका सहयोग किसी का जान बचा सकता है, तो देर ना करें और अपना सहयोग पूनम जी तक पहुचाएं ।

सूरज कहीं डूब ना जाए ...

साभार जागरण पटना :

पटना। दोनों किडनी फेल हो चुके सूरज को राजधानी के बच्चों ने अपने बूते लोगों को जागरुक कर उसकी किडनी बदलवाने में मदद तो कर दी पर अब सूरज का संकट यह है कि उसके पास दवा तक लिए पैसे नहीं। एक दिन की दवा पर हजार रुपए का खर्च आता है। कहां से लाए सूरज इस राशि को?

दर-दर गुहार लगा रहा वह और फिर निराश हो यह कहता है कि अब हिम्मत हार रहा हूं।

फतुहा का रहने वाला सूरज एक समय साइंस कालेज का होनहार छात्र था। सूरज के दोनों किडनी फेल होने की खबर सुनकर जगदेव पथ की रहने वाली पूनम सिंह उसके पास पहुंची और फिर सूरज के लिए अभियान चलाकर उसके इलाज की व्यवस्था करायी। फतुहा में सूरज के लिए बच्चों व स्थानीय लोगों ने अभियान चलाया। सूरज की मदद इतनी हुई कि एक स्थानीय अस्पताल ने सूरज को उसके भाई की सहमति से उनकी किडनी को प्रत्यारोपित कर दिया। पूरे आपरेशन के लिए थोड़ी भी राशि नहीं ली अस्पताल ने।

आपरेशन के बाद सूरज को पूनम सिंह अपने जगदेव पथ स्थित फ्लैट में रख रही है। उसके इलाज पर होने वाली पूरी राशि व भोजन का प्रबंध अपने स्तर से कर रही है। पूनम का कहना है कि अब उसकी हिम्मत भी जवाब दे रही है। आखिर कितने दिनों तक वह सूरज को अपने पास रखेंगी। दवा के लिए मोटी राशि का प्रबंध कहा से होगा? सूरज को डायबिटिज भी हो गया है। वह चाहता है कि सरकार अपने स्तर से उसके लिए दवाईयों की व्यवस्था कर दे।


आपने पढ़ा न की बच्चे और श्रीमती पूनम सिंह जी किस कदर सूरज को बचाने में लगे हुए हैं। तो क्या आप नहीं चाहते सूरज अपनी बची हुई जिंदगी जिए न की अकाल मृत्यु का शिकार हो जाए ....

क्या आप इस बच्चे की मदद करने में इच्छुक हैं तो कृपया हमसे सम्पर्क करें....