Friday, June 27, 2008

नासिर भाई के परिवार के सदस्यों तक अपनी सहायता पहुचाएं

नासिर भाई तो नही रहे, हम उनकी कोई मदद भी नही कर सकेपर अब उनका परिवार एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है और ऐसे में अगर हमलोग मिल-जुल कर उनके परिवार की मदद नही करते हैं तो ये हमारे लिए श्रम की बात है .....
उन तक अगर आप सहायता पहुचाना चाहते हैं तो अपना सहयोग निचे दिए गए बैंक अकाउंट में भेजेंयह अकाउंट नासिर भाई के पत्नी इशरत सुल्ताना जी के नाम है

To help Nasir Bhai's family please send your contribution to following account.

Bank Account Details:

Name : Ishrat Sultana
A/c No. 30411188186
Branch : Hirapur, Dhanbad
State Bank of India

Core banking facility is available with this branch. So either you can directly deposit your contribution from any SBI branch. you can transfer online too .

किसी भी SBI (जहाँ करे बैंकिंग की सुविधा हो) ब्रांच में जाकर आप इस अकाउंट में सीधा कैश जमा कर सकते हैं

आप अगर नासिर भी के परिवार के सदस्यों से बात करना चाहते हैं तो उनका फ़ोन नम्बर मुझसे ले सकते हैंकृपया मुझे मेल करें

अगर सम्भव हो तो आप जो भी सहायता राशी भेजें उसकी जानकारी मुझे मेल से दे दें तो अच्छा रहेगा

मित्रों नासिर भाई को अगर आप सच्ची शर्धांजलि देना चाहते हैं तो इनके परिवार की मदद करें .....

मेरा ईमेल का पता है anand_guneshwar[at]yahoo[dot]co[dot]in

सादर,
गुनेश्वर आनंद

Monday, June 23, 2008

नासिर भाई ने काश फुटबाल नहीं खेला होता ...

बड़े अफ़सोस से मुझे सूचित करना पड़ रहा है की नासिर भाई नहीं रहेअभी थोडी देर पहले मैंने इस समाचार केपत्रकार श्री गंगेश जी से बात की तो मुझे इस दुखद घटना की जाकारी मिली

अब मैं क्या बोलूं आपलोग अपनी आखों के सामने देख रहे हैं ना की एक आदमी किस तरह से पैसे के आभाव में अकाल मृत्यु का शिकार बना , वो भी जब उस आदमी ने राष्ट्रीय अस्तर पर फुटबाल के क्षेत्र में नाम कमायायहीं गलतीकर दी थी नासिर भाई ने, क्यों फुटबाल खेला था क्रिकेट में जाते या फ़िर चलचित्र में काम करते, ये क्या फुटबाल औरहॉकी जैसे सड़े खेल में अपना समय गवायाअब देखिये ना उनकी हालत ख़ुद तो बेमौत मरे हिन् बच्चों को भी कोई देखनेवाला नहीं है....

मैं अभी बोल देता हूँ फुटबाल और हॉकी जैसे फालतू गेम कभी मत खेलना, सिख ले लीजये इस घटना से ...क्योंकि ऐसेलोगों की मदद को नम हिन् सरकार आगे आती है , ना हिन् समाज आएगा जनाब .....

काश ये समाचार कुछ पहले हमलोगों तक पहुच पाता, काश हम कुछ कर पाते नासिर भाई के लिए , काश नासिर भाई ने फुटबाल नहीं खेला होता ........काश .....


Saturday, June 21, 2008

एक और Suraj ( नए रूप में )

कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है Suraj कोई एक लड़के ka नाम नही है, या फ़िर ये कहानी किसी एक Suraj की नही हैऐसे कितने लोग हैं समाज में जो अपेक्षा के शिकार बने पड़े हैं , जिन्हें जरुरत है हमारी तरफ़ से मदद करने कीपर यातो हम उन तक पहुच नही पाते हैं या फ़िर जान कर भी अनजान बनने ka नाटक करना चाहते हैं और सरकार के ऊपरदोष लगते हैं की सरकार नही आगे आती है जरुरतमंदों के सहयोग के लिएपर मेरा सवाल है हम में से कितनों नेकोशिश की है कुछ करने की ? हम अगर सक्षम हैं तो हमें कुछ ना कुछ जरुरतमंदों के लिए करना हिन् चाहिए .....आपक्या कहते हैं?

आज Suraj के जैसा हिन् एक और समाचार मेरी नजर में आया, नासिर भाई, फूटबाल के प्रसिद्ध खिलाड़ी(अफ़सोसउन्होंने क्रिकेट नहीं खेला) आज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं , छोटे-छोटे बच्चे हैं उनका क्या होगाभगवान(अगर कुछ ऐसा होता है तो) हिन् जाने ? सरकार और धनबाद फुटबाल संघ के लोग सहायता के नाम पर१५,०० रूपये दिए हैंअब आप हिन् बतायिए इतने पैसों में क्या होगा इलाज ?

आपलोग भीदैनिक जागरण में प्रकाशित इस समाचार पर एक नजर डालें :

मौत के गोलपोस्ट पर खड़े हैं नासिर भाई


Jun 21, 11:43 am

धनबाद, गंगेश गुंज । नासिर दाद खान! कभी फुटबाल जगत का सितारा आज जिंदगी के आखिरी दिन गिन रहा है। वह बोन टीवी के शिकार हैं। डाक्टरों को कैंसर का भी शक है। मौत के 'गोलपोस्ट' पर खड़े राष्ट्रीय फुटबालर की स्थिति यह है कि अब उनमें बात तक करने की शक्ति नहीं है। छरहरी काया अब अस्थिपंजर हो गई है। गेंद अब उनके पाले से निकल चुकी है।

सरकार व शुभचिंतक की मदद ही उनकी जिंदगी को थोड़े और 'एक्स्ट्रा टाइम' तक ले जा सकती है। त्रासदी यह है कि सरकार को इस राष्ट्रीय खिलाड़ी का ख्याल नहीं आया। जिस धनबाद फुटबाल संघ के लिए उन्होंने जिंदगी झोंक दी, उसने भी मुंह मोड़ लिया।

लगभग सात साल तक धनबाद जिला फुटबाल टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी नासिर दाद खान ने 1985 में बिहार की ओर से देश के सबसे बड़े फुटबाल टूर्नामेंट संतोष ट्राफी में हिस्सा लिया। सन 1978 में फुटबाल से जुड़ने वाले नासिर भाई लगभग 14 साल तक फुटबाल खेलते रहे। फुटबाल छोड़ने के बाद उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया। धनबाद फुटबाल संघ ने 1994 में डीएफए के चुनाव में उन्हें संयुक्त सचिव चुना। इस भूमिका को भी उन्होंने बखूबी निभाया। डीएफए के लीग मैचों में रेफरी की भूमिका निभाने वाले नासिर भाई इसके एवज में मिलने वाले पैसे से ही जिंदगी रूपी गाड़ी को जैसे-तैसे खींचते रहे।

कभी मैदान में रक्षापंक्ति के मजबूत खिलाड़ी नासिर भाई की जिंदगी की रक्षापंक्ति को 'चकमा' देने के लिए मौत धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ रही है। धनबाद के भिस्तीपाड़ा स्थित किराये के मकान में नासिर भाई निश्चल पड़े हैं। शुभचिंतकों के हालचाल पूछने पर आवाज बाद में निकलती है, आंसू पहले निकल पड़ते हैं। दिल में छिपी हुई टीस आंखों के रास्ते बाहर आती है। घर में पत्‍‌नी व दो बच्चे हैं। बेटा आठ साल का तो बच्ची डेढ़ साल की है। बिस्तर पर बेसुध लेटे अपने पिता की हालत से अंजान ये मासूम इस इंतजार में हैं कि कब उनके अब्बा बिस्तर से उठकर उन्हें अपनी गोद में बिठायेंगे। हां, अपने अब्बा के कारनामों वे वाकिफ हैं। नासिर भाई तो नहीं बता सके कि वह कहां-कहां खेले लेकिन बेटे को याद है कि अब्बा गोमो में खेले, रांची में खेले-और भी कई जगह। छोटा भाई परवेज दिल्ली से प्राइवेट नौकरी छोड़ उनकी तीमारदारी को आया हुआ है। डाक्टरों ने वेल्लोर या फिर टीएमएच मुंबई ले जाने की सलाह दी है मगर घर में इतने पैसे नहीं कि इलाज के लिए बाहर जा सकें। भाई ने बताया कि अच्छे दिनों में उनके मित्र रहे पूर्व जिला खिलाड़ी सलाउद्दीन ने इस संकट की घड़ी में उनकी मदद की है। और किसी ने मदद नहीं की, इस सवाल के जवाब में नासिर भाई मुश्किल से बताते हैं, अब तक डीएफए ने 15 सौ रुपये दिए हैं। वह 'हाशमी साहब॥' कहकर चुप हो जाते हैं। पता नहीं, उनसे कोई शिकायत है या तारीफ करना चाहते हैं।


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मैं कोशिश करता हूँ की किसी तरह से नासिर भाई तक पहुचने ka उपाय खोजा जाए, और उन्हें इलाज केलिए कम से कम टाटा Memorial hospital भेजने ka बंदोबस्त किया जाएआगे उपरवाले की मर्जी ...

ऐसे समाचारों को पढ़ कर मन विचलित हो जाता है , ये कैसा न्याय है भगवान ka जिसको जरुरत हो उसेकोई फूटी कौडी भी नही देता है और जिसे जरुरत ना हो उसे लाखों मिलते हैंअभी अभी हमारे बिहार केमुख्यमंतरी नीतिश जी IIT topper को लाख रूपये ka पुरुस्कार दिया, जब वो लड़का एक आर्थिक रूपसे सक्षम घर से है फ़िर क्या जरुरत थी उसे इतनी बड़ी राशि पुरुष्कार में देने की ?

बातें तो मन में बहुत चल रही हैं पर कुछ लिखने ka मन नहीं कर रहा है , लिख कर भी क्या फायदा ....

Saturday, June 14, 2008

सामान्य प्रश्नोत्री Suraj के बारे में


आए दिन लोग मुझसे Suraj के बारे में अलग अलग तरह के सवाल पूछते रहते हैं , उनमें से ज्यादातर पूछे गए सवालों को इकट्ठा करके यहाँ मैं आपलोगों के सामने रख रहा हूँ '

Frequently asked question(FAQ) about Suraj

1.
Suraj कौन है, और हमे इसकी मदद क्यों करनी चाहिए ?

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Suraj एक निर्धन, गरीब परिवार का बेसहारा बालक है पर Suraj अपने पढ़ाई में अव्वल और बहुत हिन् मेहनती है Suraj के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए पुराने पोस्ट को पढ़ें

2.
Suraj के जैसे कितने हिन् लोग हैं दुनिया में जिनका किडनी या इस तरह का कोई अन्य समस्या है, हम कितनों की मदद करते रहेंगे और आखिर कब तक ?

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ऐसे लोगों से मैं पूछना चाहूँगा की आपने आज तक कितने Suraj की मदद की, अगर अभी तक किसी भी Suraj जैसे रोगी की मदद नही की तो ये मौका है कुछ करने का, और अगर आप Suraj जैसे और किसी निसहाय की मदद में जुटे हैं तो बहुत अच्छी बात है हमे भी उसके बारे में जानकारी दें भगवान ने आपको सामर्थ्य दिया है और इसका उपयोग क्यों ना करें वैसे भी बोला गया है "मारनेवाला से बड़ा होता है बचानेवाला " तो आयिए हमसब मिलकर कम से कम एक Suraj की जान तो बचाएँ, और सम्भव हुआ तो आगे औरों की भी ......

3.
Suraj का दवा कितने दिन चलेगा ?

-->
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद दवा तो आजीवन लेना पड़ता है पर धीरे-धीरे दवा की मात्रा कम होते जाती है तो उसका खर्च भी कम हो जाएगा फिलहाल Suraj को साल तक प्रति महीने १५,००० रूपये की दवा लेनी पड़ेगी
हमे आशा हिन् नही पूर्ण विश्वास है की Suraj इस बीच में अपने पढ़ाई के काबिलियत से सरकार और अन्य संस्थानों का ध्यान अपनी ओर जरुर खीच सकेगा

ओर अब बात हो जाए अभी तक इकट्ठा हुए सहायता राशी की
इस महीने पूनम जी को Rs. 16,500 मैं भेज रहा हूँ और सबसे खुशी की बात ये है की हमलोगों के पास अगले महीने के दवा के लिए भी पैसा इकट्ठा होना शुरू हो गया है
contribution after 12th June :
सरोज जी : $100 = Rs 4,205

आशा है की आप सभी मित्रों के सहयोग से हमलोग मिल-जुल कर Suraj के इलाज और पढ़ाई का खर्च जरुर पुरा करेंगे

फिलहाल Suraj RMO(Regional Math Olympiad) की तयारी में जुटा है , उसके लिए हम यथासंभव उसकी मदद कर रहे हैं फिलहाल मैंने Suraj को ये पुस्तक भेजी है



आपमें से अगर कोई बंधू पहले Maths Olympiad दे चुके हैं , और Suraj को कुछ सुझाव देना चाहते हैं, तो कृपया मुझे
मेल करें

फिलहाल तो इतना हिन् , आगे भी Suraj का हाल आप सभी को देता रहूँगाआशा है आप सभी का स्नेह और आशीष
ऐसे हिन् Suraj के ऊपर बना रहेगा

और हाँ आप अगर कुछ सहायता राशी नही भेज पा रहे हैं तो दुखी होने की बात नही है , पर आप अपना आशीर्वाद और
स्नेह जरुर Suraj पर बनाये रखें , आपकी शुभकामनाओं की बहुत जरुरत है Suraj को

Thursday, June 12, 2008

इस महीने के लिए दवा की राशी इकट्ठी हो गई

मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है की Suraj के इस महीने के दवा के खर्च के लिए जरुरी राशी इकट्ठी हो गईआपसभिलोगों ka बहुत-बहुत आभार
बाद में आयी सहयोग राशी

पुर्नेंदु जी : Rs 500
पगलू भैया(उर्फ़ नवरंग जी ) और उनकी मित्र मंडली : Rs 1,500
निलेश भैया : Rs 5,000
पहले से जमा राशी : Rs 9,501
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कुल राशी : Rs 16,501

So far contribution for this month

Pratik ji : Rs 5,000
Ashok ji : Rs 500
Manoranjan ji : Rs 1,001
Sandhya ji and her friends : Rs 1,000
Anonymous : Rs 2,000
Purnendu ji : Rs 500
Navarang ji and his friends : Rs 1,500
Nilesh ji : Rs 5,000
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Total Amount : Rs 16,501 .

वैसे आपलोगों को बता दूँ की अब Suraj पूनम जी के साथ नही रहता है, इसलिए अब उसके रहने और खाने ka खर्चka अलग से होता हैउसके बारे में विस्तार से अगले अंक में

आशा है ऐसे हिन् आप सबका आशीर्वाद Suraj के ऊपर बना रहेगा ...

Wednesday, June 4, 2008

सहायता राशी

भगवान की कृपा और आप सभी के आशीर्वाद से Suraj ka स्वास्थ्य अच्छा है, उसके सारे टेस्ट के रिपोर्ट नोर्मल हैं आपलोगों के सहयोग की जितनी भी प्रसंसा की जाए कम हैं

इस महीने के लिए अभी तक निमंलिखित लोगों के सहयोग हमारे पास आए हैं

प्रतीक जी : Rs 5,000
अशोक जी : Rs 500
मनोरंजन जी : Rs 1,001
संध्या जी और उनके मित्र : Rs. 1,000
अनाम : Rs 2,000 ( ये अपना नाम जग जाहिर नहीं करना चाहते हैं, हम इनके इस बात की क़द्र करते हैं और हम इनके द्वारा दिए गए सहयोग के लिए बहुत आभारी हैं )


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कुल राशी : Rs 9,501

और हाँ मैं ये याद दिलाना चाहूँगा की Suraj के एक महीने के दवा का खर्च १५,००० रूपये आता है

आज एक और खास बात है, Suraj के लिए सहायता की मुहीम सुरु करने वाली पूनम जी की शादी की सालगिरह है , तोआईए हमसब मिलकर उन्हें इस मौके पे मुबारकबाद दें ये बात मुझे Suraj ने बताई

आशा है ऐसे हिन् आप सबका सहयोग बना रहेगा और हमसब मिलकर Suraj को जरुर उसकी मंजिल तक पहुचायेंगे