Saturday, May 17, 2008

Suraj ३०

सुपर ३० के अपार सफलता के बाद आपके शहर में रहा है Suraj ३०भाई ये कोई चलचित्र नही हैं, इसकी सफलता आपके और हमारे ऊपर निर्भर करती हैजैसा की आप सब पहले के पोस्ट में पढ़ चुके हैं की Suraj किडनी की बीमारी से जूझ रहा है, उसका ट्रांसप्लांट तो हो गया पर अब दवा के लिए पैसे नहीं उसके पासइतने दिनों उसका देखभाल पूनम जी कर रहीं थीं अब उनकी भी हिम्मत जवाब दे रही हैएक मध्यम वर्गीय परिवार की घरेलु महिला होते भी उन्होंने जितना किया वो अपने में काबिले तारीफ है , आज कल तो सो-कॉल्ड modern महिलाएँ भी इतना करने ka साहस नही करती हैंतो ये समय गया की हम सब मिलकर पूनम जी ka सहयोग करें और उनके इस कार्य को मंजिल तक पहुचाएं

Suraj की दवा में हर महीने का 15,००० रूपये का खर्च हैतो अगर हममें से ३० लोग आयें और हर महीने ५०० रूपये का योगदान करें तो ये काम हो जाएगाकिसी के ऊपर ज्यादा बोझ भी नही और Suraj का दवा भी जाएगाफिलहाल इस काम के लिए निमंलिखित लोगों ने अपनी सहमति जताई है

  1. प्रतीक
  2. शिल्पा
  3. मुकुल
  4. पुर्नेंदु
  5. नवरंग उर्फ़ पगलु
  6. नवरंग जी के एक अन्य मित्र (नाम नहीं पता हैं)
पर अभी 24 अन्य मित्रों की जरुरत है , तो अगर आप कर सकते हैं तो जरुर सहयोग कीजयेहाँ आप अपने ऑफिस या कॉलेज में १०० रूपये हर महीने का जमा करके भेज सकते हैं500 कोई जरुरी नही है, ये तो बस एक संख्या है....
आपका छोटा से छोटा सहयोग इस बच्चे की जान बचने में सहायक हो सकता है .......

आज मैं बीज हूँ कविता के बाकी अंश , ये कविता ना जाने क्यों मुझे Suraj के ऊपर बहुत सही प्रतीत होता हैइस बीज को अंकुरित करने में हमे जी-जान से लग जाना चाहिए .....

आज मैं बीज हूँ

आज मैं बीज हूँ
कल रहुँगा अंकुर
बटुर-
बटुर आएगी दुनिया, मुझे देखने को आतुर
आज मैं बीज हूँ
अलक्षित, ना-चीज हूँ
गर्क हूँ धरती की जादुई कोख में

--नागार्जुन

Friday, May 16, 2008

Suraj ka समाचार दैनिक जागरण में

मैं सबसे पहले Suraj के बारे में दैनिक जागरण के ऑनलाइन पटना सनास्करण में पढ़ा था। उसके बाद हमने पता लगाया की इस समाचार के पत्रकार कौन हैं? थोडी छान-बिन के बाद पता चला की इस समाचार के पत्रकार हैं श्री वात्सायन जी, उनके जरिये हिन् मैं पूनम जी तक पहुच पाये ।


इस कार्य के लिए पूनम जी की जियनी भी प्रसंसा की जाए वो कम है, और हाँ इस समाचार को दुनिया के सामने लाने के लिए वात्सायन जी को भी धन्यवाद । पर अब पूनम जी हिम्मत हार रहीं हैं, उनके आस-पास के लोग और समाज के लोग इस काम में उनकी ज्यादा मदद नहीं कर रहे हैं । बल्कि सब उन्हें पागल करारने पे तुले हैं...वैसे हम सभी जानते हैं की अगर आप कोई भी अच्छा काम करने के लिए आगे बढे तो उसमें लाखों मुश्किलें आती है, पर इन मुश्किलों से लड़ना आसन हो जाता है अगर एक से ज्यादा लोग मिलके सामना करें । तो आयी इस मुश्किल की घड़ी में हम सभी मिलके पूनम जी का सहयोग करें ..........

आपका सहयोग किसी का जान बचा सकता है, तो देर ना करें और अपना सहयोग पूनम जी तक पहुचाएं ।

मेधावी छात्र Suraj की जिंदगी खतरे में

Suraj अपने विदालय ka एक होनहार छात्र था । उसकी रूचि गणित में काफी है। एक नजर उसकी १०विन् के परीक्षाफल पर डालें ....

Suraj जैसे होनहार छात्र केवल पैसा के आभाव में कहीं अकाल मृत्यु का शिकार ना हो जाए ....
आयिए हम सब मिलकर Suraj को बचाने की मुहीम में जुट जाएं... दो पंक्तिया Suraj के लिए

आज मैं बीज हूँ
बस, थोडी और उमस
बस, थोडी और धुप
बस, थोड़ा और पानी
बस, थोडी और हवा
बस थोड़ा और भुर्भुरापन
क्या देर है भला बाहर आने में ।

---नागार्जुन

तो इस Suraj रूपी बीज की अंकुरित होने के लिए हम सबको उसे दवा रूपी उमस, धुप, पानी और हवा देना होगा। तभी ये बीज अंकुरित हो पायेगा....