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Thursday, December 25, 2008

सूरज जायेगा भी तो कहाँ ...

ये साल खत्म होने को आया और हमारा Suraj को बचाने के मुहीम का ९ महिना पुरा हुआ । जितना इस ब्लॉग के जरिये Suraj के लिए सहायता की उम्मीद की थी उस से कहीं ज्यादा हिन् मिला ।

Amount collected in last 9 moths for Save Suraj Campaign:

April: Rs 5,000
May: Rs 15,000
June: Rs 20,706
July: Rs 12,800
August: Rs 5,500
September: Rs7,600
October: Rs 4,000
November: Rs 5,000
December: Rs 3,500
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Total collection : Rs 82,606

Cost of medicine : Rs 15,000 (per month) , Total no. of month: ९


Total money spent : 15,000 * 9 = 1,35,000 (only in medicine)

हम सभी सहयोगकर्ता के आभारी हैं । पर जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है ये अभियान जारी रख पाना मुश्किल हो रहा है । तो मेरा विनम्र निवेदन है आप सभी से अगर आप Suraj कि मदद करने में सक्षम हैं, तो हमारे Suraj ३० अभियान का हिस्सा बनिए ।

Suraj के अलावा भी कुछ लोगों कि मदद के लिए मैंने गुहार लगाई थी इस ब्लॉग पर, क्योंकि हमारा समाज भरा पड़ा है Suraj जैसे जरूरतमंद लोगों से और उनकी मदद करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है । ऐसे हिन् एक नाम था नासिर भाई (फुटबालर ) का, अफ़सोस हम नासिर भाई का जान नही बचा सके । जबतक हमने उनके परिवार से संपर्क किया तबतक वो गुजर चुके थे । पर फ़िर भी हमने एक अपील कि उनके परिजनों के मदद के लिए और ज्यादा तो नहीं पर कुछ सहायता राशि इक्कठी हो गई । और जब ये समाचार गंगेश गुंजन (दैनिक जागरण पत्रकार) जी ने धनबाद के संस्करण में निकला तो कुछ और संस्था भी नासिर भाई के परिवार कि सहायता के लिए आगे आई ।

अभी नासिर भाई का बड़ा लडका स्कूल जा रहा है, उनके छोटे भाई वहीँ धनबाद में एक छोटी सी कंपनी में काम कर रहे हैं । सबलोग अच्छे हैं । मैं बीच-बीच में उनलोगों से बातचीत करते रहता हूँ ।

इसके अलावा हमने कथाकार मधुकर जी के सहायता लिए भी अपील कि थी । उसके लिए भी कुछ लोग आगे आए थे और वो सीधा मधुकर जी से हिन् संपर्क किए थे ।

तो कुल मिला जुलाकर इस ब्लॉग के जरिये Suraj जैसे जरुरतमंदो कि सहायता में हमलोगों ने एक ठोस कदम जरुर बढाया है । आगे देखिये क्या होता है ....

आखिर में सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी एक कविता "Suraj को नहीं डूबने दूँगा" कि कुछ पंक्तियाँ

अब मै सूरज को नही डूबने दूंगा।
देखो मैने कंधे चौडे कर लिये हैं
मुट्ठियाँ मजबूत कर ली हैं
और ढलान पर एडियाँ जमाकर
खडा होना मैने सीख लिया है।

घबराओ मत
मै क्षितिज पर जा रहा हूँ।
सूरज ठीक जब पहाडी से लुढकने लगेगा
मै कंधे अडा दूंगा
देखना वह वहीं ठहरा होगा।

सूरज जायेगा भी तो कहाँ
उसे यहीं रहना होगा
यहीं हमारी सांसों मे
हमारी रगों मे
हमारे संकल्पों मे हमारे रतजगो मे
तुम उदास मत होओ
अब मै किसी भी सूरज को
नही डूबने दूंगा।
----सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

इस कविता में सर्वेश्वरदयाल सक्सेना जी ने बहुत हिन् अहम् बात उठाई है वो कहते हैं "सूरज जाएगा भी तो कहा " अगर समाज में जरूरतमंद Suraj की मदद हम और आप जैसे सक्षम लोग नहीं करेंगे तो कौन करेगा कहाँ जायेगा Suraj, कौन बचायेगा Suraj को राहू से ? ये समय गया है की हम अपने कन्धों पर जिम्मेवारी लें और बोलें की ऐसे किसी भी जरूरतमंद Suraj को कोई राहू निगल नही पायेगा ... हाँ अब मैं किसी भी सूरज को नहीं डूबने दूँगा .....


आप क्या सोचते हैं इस ब्लॉग के बारे में , आपके विचार आमंत्रित है कहाँ तक ये ब्लॉग अपने मकसद में सफल रहा, और क्या कुछ और नया कर सकते हैं हम , वैसे लंबा रास्ता अभी तय करना है ...

Tuesday, July 29, 2008

प्रसिद्ध हिन्दी कथाकार मधुकर सिंह जी तक अपनी सहायता पहुचाएं

मधुकर जी के बारे में मैंने अपने पिछले पोस्ट में चर्चा की थी, और आखीर में हमें उन तक सहायता पहुचने का रास्ता मिल गया है । अब इस संकट की घडी में हम-सब से जो थोड़ा-बहुत बन पड़ता है उनका सहयोग करें ।
मधुकर सिंह जी अब भी आरा(धरहरा) में अपने गाँव पर हिन् हैं । अपने घर में आय का एक मात्र स्रोत मधुकर जी हिन् हैं । और आप तो जानते हैं हिन्दी साहित्य से कितना आय होता है , आइए इस मुश्किल की घड़ी में सब उनका साथ दें । आप अपनी सहायता सीधा मधुकर जी के बैंक अकाउंट में भेज सकते हैं ।

Bank account detail

Madhukar Singh
A/C No : 10151372336
State Bank of India
Fraser Road branch, Patna
Bank code : 3476

Core banking facility is available.

आशा है पहले की तरह हमारे मित्र इस बार भी आगे आयेंगे और मधुकर जी की यथासंभव मदद करेंगे । अगर आप मधुकर जी के द्वारा लिखी हुई कहानियाँ और उपन्यास पढना चाहते हैं तो यहाँ देखें
और अगर आप उनके द्वारा लिखी हुई पुस्तक पढना चाहते हैं तो आप यहाँ से ऑनलाइन खरीद सकते हैं

आप अगर सहायता राशी भेज रहे हैं तो एक मेल मुझे जरुर कर दें । मेरा पता है
anand_guneshwar[at]yahoo[dot]co[dot]in

please replace [at] by @ and [dot] by .

Thursday, July 24, 2008

कहानीकार मधुकर सिंह जी को करें थोडी मदद

अभी-अभी चिठ्ठाजगत के धडाधड टिपण्णी वाले पोस्टों को देख रहा था , तभी अचानक से मेरी नजर मोहल्ला के एक पोस्ट पर गई अब आप ही बताइए? कर्मेंदु ठीक हैं कि मंगलेश? " वहां जा कर देखा तो लोग तो बस घमासान मचा रखे हैं, जिसको जो मन में आ रहा है वो पोस्ट कर रहा है । मैं सब टिप्पणियों को पढ़ रहा था की मेरी नजर गई हमारे युवा कथाकार हरे प्रकाश उपाध्याय की टिपण्णी पर , आप भी पढ़े उनकी टिपण्णी, फ़िर हम उस पर करेंगे चर्चा :

अधिकांश लोगों के लिए शायद यह महज एक सूचना होगी, ले‍किन शायद ब्‍लॉग की दुनिया में कुछ लोग ऐसे हों, जिन्‍हें यह समाचार दुखी कर देगा। कथाकार मधुकर सिंह पिछले लगभग डेढ महीने से पक्षघात के पीडित है। इससे भी अधिक त्रासद यह है कि उनके इलाज की मुकम्‍मल व्‍यवस्‍था नहीं हो पा रही। आर्थिक कारणों से न तो उनकी फिजियोथेरेपी हो पा रही है, न ही पर्याप्‍त दवाएं उपलब्‍ध हो रहीं हैं। वह पटना छोड कर आरा में रोग शैयया पर पडे हैं।

प्रभात खबर समेत पटना के अन्‍य अखबारों में भी इससे संबंधित सूचना प्रकाशित हो चुकी है। लेकिन न तो सरकार की ओर से कोई मदद मिली है न ही लेखक बिरादरी ने अपनी ओर से कोई कोशिश की हैं। इस संबंध में मैंने कुछ राजनेताओं से बात करने की कोशिश की तो उनका रिस्‍पांस तो बेहद ठंडा था । हां, कुछ लेखकों ने जरूर इस आशय का परिपत्र तैयार कर देने पर उस अपने 'हस्‍ताक्षर' कर देने की सहमति देने की दरियादिली दिखायी है। हिंदी लेखकों की इस महान संवेदनशीलता पर कुछ न कहना ही उचित होगा।

बहरहाल, इस पोस्‍ट का आशय इतना भर है कि........ शायद इसका कोई आशय नहीं है !

क़पया इस पोस्‍ट पर अपनी टिप्‍पणी न दें, यह लेखकों के हस्‍ताक्षर जैसी ही दरियादिली होगी।

मधुकर जी का मोबाइल नं है 9973608542, 9334821919



पर इस घमासान में एक आदमी की नजर भी शायद इस पोस्ट पर नही गई या फ़िर उस गरमा-गरम बहस को छोड़ कर वो एक जरूरतमंद की मदद को क्यों आगे आए ? वाह रे दुनिया , और हमर हिन्दी लेखक समुदाय ने तो उस से भी बड़ा कमल कर दिया हस्ताक्षर का अभियान चलाकर ।

लेकिन हम जल्द हिन् मधुकर जी से बात करके उन तक सहायता पहुचने का कुछ बंदोबस्त करेंगे । और मुझे पुरा विश्वास है की हमारे मित्रगन इस कार्य में जरुर शरीक होंगे । और वो गरमा-गरम बहस हम उन्हीं लोगों के छोड़ देते हैं ।

कल तक मैं जरुर आपको मधुकर जी के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध करवाऊंगा ...
आयी करें मदद एक और सूरज की ...